जहाँ मेरी जरूरत नहीं होती है वहाँ मैं नहीं होती हूँ। मैं कहीं भी सिर्फ भीड़ बढ़ाने के लिए नहीं जा सकती। आप क्या है, आप कौन हैं या की आप क्या कर सकते हैं मुझे फर्क ही नहीं पड़ता। मैं बहुत महत्वपूर्ण हूँ अपने लिए और अपनों के लिए। और ये महत्व मैं किसी के लिए भी कम नहीं कर सकती। स्वाभिमानी हूँ, आप अभिमानी बोल सकते हैं।
#आस्था
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